Monday, November 27, 2017

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश के फायदे

आज के दौर में  जहाँ  भारत  का  बाजार  बिकसित  हो  रहा है वहाँ  मँहगाई  भी  उसी  तरीके से  बढ़ रही है ! 

  चलिए  पहले  निवेश  को  समझते  है  ! निवेश  भविष्य  से  जुड़ी  जरूरतों  के  लिए  होता  है  ! निवेश  मुख्यतः   जमीन  - जायदाद  , सोना - चांदी , बैंक  में  निवेश , पोस्ट ऑफिस  में  निवेश ,  म्यूच्यूअल  फण्ड  और  शेयर  में  सीधे  निवेश  को  कहते  है !  इन  सारे  निवेश  करने  वाले  जगहों  में  लगाया  गया  धन  आपको  आपकी  भविष्य  की  जरुरतो  को  पुरा   करने में  बहुत  मदद  करता  है ! 

म्युचअल  फण्ड  में  जमा  कि  जो  योजनाए  है  वह  इक्विटी  , डेब्ट , गोल्ड  पर  आधारित  है  !  इसमें  निवेश  को  अपनी  ज़रूरत   के  अनुसार   बिभिन्न  तरीके  को  अपनाकर  आप  कर  सकते  है !  अभी  जो प्रचलित  तरीका  है  उसमे  सिस्टमेटिक  इन्वेस्टमेंट  प्लान  , फिक्स्ड मेचुरिटी  प्लान , इत्यादि   है !
अगर  आपके   निवेश  कि  अवधि  लम्बी  है  तो  म्युचअल  फण्ड  की  बेहतर  योजनाओ  का  चुनाव  कर  सिस्टमेटिक  इन्वेस्टमेंट  प्लान  में  निवेश  करे  !  ध्यान  रखे  कि  म्युचअल  फण्ड  की  योजनाए  बाज़ार  के  जोखिम  के  अधीन  होती  है  अगर  लम्बी  अवधि  कि  जमा  योजना  बना  कर  छोटी  अवधि  में  ही आप  पैसा  निकालने  को  तैयार  हो  गए  और  शेयर  बाज़ार  निचे  आया  हुआ  है  तो  वैसी  स्थिति  में  आपको  नुकसान  हो  जायेगा  इसलिए   आप  इस  सन्दर्भ  में  भी  किसी  जानकार  की  मदद  ले  कर  ही  निवेश  करे  तो  अच्छा  होगा !  म्यूच्यूअल  फण्ड  का  निवेश  आपको  महंगाई  से  लड़ने  की  ताक़त देता  है ! जोखिम ,जरुरत  और  जिम्मेवारी  से शुरू  होती  निवेश  करने  की  प्रवृति  … इसलिए निवेश  की  शुरुआत  आज  से  कीजिए ! 

                                                                                          राजेंद्र प्रसाद  वर्मा 
                                                                                          एम्फी  रजिस्टर्ड  म्यूच्यूअल  वितरक 
                                                                                         

Friday, July 10, 2015

एक समर्पित समाज सेवी आदरणीय बालेश्वर प्रसाद वर्मा

 बालेश्वर प्रसाद वर्मा का जन्म 1927 में हर प्रसाद वर्मा एवं सरयू देवी के संतान के रूप में बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था  ! वे अपने तीन भाइयो एवं दो बहनो में अपने माँ बाप के दूसरी संतान थे ! बालेश्वर बाबू का तेवर शुरू से ही क्रन्तिकारी था तभी तो वे ब्रिटिश फौज की नौकरी पकड़ कर बाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर ब्रिटिश फौज की लगी लगाई नौकरी छोड़  दी ! बाद के दिनों में उन्होंने अपना व्यापार शुरू किया ! जिसकी शुरुआत उन्होंने रेडियो से की ! उस समय रेडियो नया नया आया था उन्होंने मुजफ्फरपुर को  रेडियो से परिचय करवाया ! वही उनका विवाह ललिता देवी से हुआ ! मुजफ्फरपुर में रेडियो के व्यापार को छोड़ते हुए वे किशनगंज १९५६ में सपरिवार आए जहा पर संतोष सोप फैक्ट्री लगाई ! साबुन की फैक्ट्री चली नहीं ! वही उनके प्रथम पुत्र राजेंद्र प्रसाद वर्मा का जन्म हुआ ! पुनः वे पूर्णिया आये और यहाँ एलेक्ट्रिकफिकेशन का नया काम शुरू किया ! काम ठीक ठाक चल रहा था लेकिन पूर्णिया के पानी की स्थिति बेहद ख़राब  थी उस ज़माने में जो पानी ट्यूबवेल से निकलता था पानी रात भर रखने के बाद पानी के ऊपर छाली जम जाया करता था उस समय फ़िल्टर की व्यवस्था नहीं थी ! माँ की जिद की वजह से उन्हे पूर्णियाँ छोड़ना पडा ! बाद के दिनों में दस साल मुज़फ़्फ़रपुर कोलकाता पटना बीरपुर  मे व्यापार करने की कोशिश करते हुए  वापस 1970 में वे फिर सपरिवार पूर्णियाँ आए ! यहाँ उन्होंने एक मोटर वर्क शॉप खोला ! काफी मेहनत के बाद उस काम से रोजी रोटी चलने लगी !लम्बी उठापटक ने बच्चो की पढाई लिखाई पर भी काफी असर डाला ! कांग्रेस की सरकार थी अचानक 26 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा हो गई ! समाज  के साथ सक्रिय रूप से जुड़े होने की वजह से वे भी इमरजेंसी के बिरोध में काम करने लगे !   पूर्णियाँ  शहर  में  1976 से  साप्ताहिक  अख़बार " कीचड़ से कमल " हिन्दी  में प्रकाशित करना शुरू किया और पूर्णियाँ  शहर  के  विकास और व्यवस्था,  आम आदमी की चिकित्सा , भ्रष्ट तंत्र  के पोल को खोलने की मुहीम को व्यक्तिगत और पत्रकारिता के माध्यम से  जारी रक्खा !इसी के तहत  वे  जयप्रकाश आंदोलन में अपनी  सक्रिय  भागीदारी निभाई और  आन्दोलन  के समय वे  जिला जन संघर्ष समिति  के पूर्णियाँ  के युवा समन्वयक  रहे ! आपातकाल में वे पूर्णियाँ के सबसे  पहले  गिरफ्तार किए  गए  आंदोलनकारी थे ! उनके  साथ  ही श्री दिलीप कुमार दीपक , श्री  राजीव भारतीय  भी थे  ! इन सब लोगो को पूर्णियाँ जेल में प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु  के  साथ  रक्खा गया बाद में कटिहार जेल फिर भागलपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया जहां भागवत झा आज़ाद  और अन्य  कई  आंदोलनकारी  बंद थे  ! आपातकाल के  बाद जब  जनता पार्टी का गठन हुआ तो वे चुनावी सम्मेलनों के लिए  अपनी अंबैस्डर कार पर  वक्ताओं को लेकर जाते और अपनी भागीदारी जताते ! उंन्होने  कभी कोई राजनितिक लाभ  पद की आकंछा नहीं रक्खी ! जीवन भर उन्होंने समाज के  विकास  की लड़ाई लड़ी ! 07 जून 1998 को हृदयाघात के कारण उनका आकस्मिक  निधन हो गया ! आज वे इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके नहीं होने के बाबजूद भी भीड़ का हिस्सा होकर  भी  समाज  के लिए  कुछ करने  की प्रेरणा  शायद  उनके परिवार जिसमे एक पुत्र राजेंद्र प्रसाद वर्मा जो पूर्णिया में ही म्यूच्यूअल फण्ड निवेश वितरक के काम को करते हुए निवेश के छेत्र के में सफलता पूर्वक अपनी प्रतिस्ठा बनाए हुए है और  सात पुत्रिया अपने अपने वैवाहिक जीवन में समर्पित परिवार के साथ प्रेरणा स्पद बन कर चल रही  सदस्यों  को मिलती है ! उस ज़माने के संघर्ष की पीड़ाओं को अपने अंदर संजो कर आज के ज़माने की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में न्यायपूर्वक चलना शायद उसी पत्रकारिता की देन है जो लेने में कम और  समाज को देने में ज्यादा विश्वास रखती थी !

Tuesday, September 30, 2014

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्यम वर्ग की नयी अवधारणा

हमारे देश के सर्वमान्य विशाल जनमत के पूर्ण बहुमत से निर्वाचित नए प्रधानमंत्री माननीय  नरेंद्र मोदी जी  की कल  अमेरिका में  अपने जो बिचार  व्यक्त किये  उनमे  उंन्होने  " नव  माध्यम वर्ग " की चर्चा की  बताया   कि  इस वर्ग  को  जो इस समाज  में  उभरा है  इसे  सहयोग  देने की आवश्यकता है  ठीक ही कहा है ! आइये  इस पर हम चर्चा करे ! 
                 हमारा देश  और इसकी संस्कृति  सदियों से  अपनी आर्थिक , सामाजिक , जातिगत , बैचारिक  परम्पराओ  और अवधारणाओं  को लेकर  चलती चली आ रही है  और  समयानुसार  इसमे अनेको  बदलाब  भी हुए है  !  अगर  हम  गौर करे तो पाएंगे  कि 2003  के बाद  बदलाव  का  सिलसिला रफ़्तार मे आना  शुरू  हुआ ! 

पहले  अच्छी  डिग्री  के लिए  खर्च करना  यानि  इंजीनियर  , डॉक्टर  बनाना  उच्च मध्यम वर्ग  की  प्रथम जरुरत  थी  जो  बाद  में  निम्न  मध्यम वर्ग  मे  आंदोलित  हो गई ! इस वर्ग ने जो इस तरह के सपनो को  बुनना  शुरू किया तो  पहली  लड़ाई  उनकी  अपने  ही  परिवार में चल रहे  रूढिबादी सोच  जैसे " क्या  होगा  पढाई पर  बहुत  खर्च करके  , नौकरी नही मिलती है वग़ैरह - वग़ैरह ! इस  वर्ग  के  लोगो ने  अपने  अपनी  ताक़त  से  आगे बढ़  कर  खर्च किया  !  निजी  स्कूल  , कॉलेज  की  एक  बड़ी  जमात इसी  वर्ग  से  अपनी  सम्पन्नता को  बढ़ा कर लखपति से करोड़ पति  और  अरबपति  होने  जा  रहे है ! चलिए पीछे  पलट कर  देखते  है  इस  " नव  मध्यम वर्ग  " के  लोगो  को  परिवार  परम्परा  के  विद्रोही  तेवर का परिणाम  भी भुगतना  पड़ा ! पारिवारिक  हिस्सेदारी  से  महरूम  किया  गया .... अलग  सोच  और  व्यक्ति  की  परिभाषा  दी  गई  ! देखिए  यहाँ  भी  क्रांति  की  ज्वाला थी  जिसका  रंग  माननीय  अन्ना हजारे  जी  आंदोलन  में  उत्साही  युवाओ  की  विशाल  समूह में  दिखा ! मोदी जी  जब  उम्मीद  की  बात  करते है तो  वो इसी  वर्ग  को  ध्यान में रख कर  करते है !  क्यूंकि  देश के नव निर्माण  में  इंन्ही की  सक्रिय भूमिका होने वाली है !

                                  ऐसा नहीं है की  मोदी कोई  नई बात  कह रहे  है  बात  पहले  से चल रही है लेकिन  प्रयास  ईमानदारी के साथ करने  का श्रेय  यक़ीनन मोदी जी को ही जाता है ! अभी अगर अमेरिका  दौरे  को देखे और उनकी वहां व्यापारी वर्ग  , पूंजी निवेश समूह  की सभाओ में  सरल तरीके से  भारत में निवेश को लाने की  जो  दलीले  प्रस्तुत की है  वह  उनके  कथनी करनी  में  समाजयस्तता  का एक बेहतर उदहारण है  !

 इन  वक्तव्यों में एक इशारा  वैसे  भारतीय  युवाओं  के लिए भी है जो उद्यम शील  है  ! बड़े उद्योग  जहा लगते  है वहाँ  वैसे  छोटे - छोटे  उद्योग  भी  लगते  जो उस बड़े  उद्योग  के  उत्पादन में प्रयुक्त होने वाली  वस्तु  का  कोई  छोटा  पुर्जा  होता है उस का निर्माण कर सफल उद्योगपति  है  !   लुधिआना  , रोहतक  चंडीगढ़  ऐसे  जगह पर इसके  अनेको उदहारण  मौजूद  है  ! जब  हम  अपने  देश  के विकास  की  बात  को सोचते  है  तो हमारी  भी  जिम्मेवारी  बनती  है की  हम  भी ईमानदार  प्रयास   सच्चे  लगन  से  करे  क्यूंकि  अपने  आपको  सार्थक  व्यक्ति  अपने  कर्म  के  माध्यम  से ही करता है !  वैसे  युवा  जो  कार्यछेत्र  में  लगे  हुए है   उनको  नई - नई  नौकरी के  एक से बढ़कर एक  अवसर  मिलने  की संभावना  है  !

                                 आज  युवाओ  को आगे  बढ़ने  के   सपने देखने  चाहिए  और अपने  आप को  बेहतर  गुणवत्ता  से   परिपूर्ण  करना  चाहिए  !  गुणवत्ता  ही  आपकी  असली  ताक़त  होगी  जो आपको  उस  समय  जब  रोजगार  के  लिए  अवसर खुलेंगे तो आप  अपने  को आसानी  से वहाँ  पर  स्वीकृत  करवा  लेंगे !
                                                       
                                                                                              राजेंद्र प्रसाद वर्मा
                                                                                              30  सितम्बर 2014 

Sunday, January 19, 2014

धन्यवाद ''''' धन्यवाद आप सबका धन्यवाद !!!

धन्यवाद '''''  धन्यवाद  आप  सबका  धन्यवाद !!!

आज  मैंने  अपने  उम्र  के  54  बे  साल  में  प्रवेश  किया  है  और  आप    मेरे  मित्रो  ने  इतनी  सारी  बधाई  दी  है  कि  यकीन  मानिए  मेरे  लिए  ये  जीवन  जीने  की  इक्छा  के  लिए  प्रेरणा  स्वरुप  है !  आप  सभी गुणीजनों  मित्रो  को  शत शत  कोटि  नमस्कार ! जीवन  रहते  आपके  साथ  अपनी  ईमानदार  और  सदविचार  के  साथ  सच्ची  मित्रता  निभाता  रहूँगा !  पुनः  आपका  धन्यवाद !
                                                                 
                                                                  आपका  ही 

                                                             राजेन्द्र  प्रसाद  वर्मा 

Sunday, December 8, 2013

Nivesh kiu aur kislye

जोखिम  ,  जरूरत  और  जिम्मेवारी  से  शुरू होती है निवेश  यानि  जमा  करने  की  प्रबृति  . . . . .  इसलिए  निवेश  कि  योजना  आज ही  शुरू  करे  याद  रक्खे  कि  कल  जब  आप  नहीं  होंगे  तो  कितना  बड़ा  जोखिम  आपके  परिवार  के  लिए होगा  ,  कितने रूपए की आवश्यकता आपके परिवार   को  होगी  इसके  हिसाब से  बीमा तय  करे ! आप  के  होते  हुए  कौन - कौन  सी  जिम्मेवारी  ऐसी  है  जिसको  कम अवधि  में  पूरा करना  है  और  कौन  सी  जिम्मेवारी  ऐसी  है  जिसको  लम्बे  समय  में  पूरा  करना  है ! कम  आवधि  के  लिए  बैंक  और  पोस्ट ऑफिस  के  जमा  का  सहारा ले , लम्बी  अवधि  के लिए  म्यूच्यूअल फण्ड के निवेश का सहारा ले ! एक बात और  ध्यान देने कि  है.. . . निवेश के लिए वैसे निवेश  सलाहकारो कि मदद ले  जिनका सर्विस  यानि  सेवा देने  की  उच्च गुणवत्ता हो ऐसा नहीं की  आज आप  निवेश कर रहे हो तो बहुत बढ़िया है  कल आपको या आपके परिवार को सेवा देने  की  पारी आए तो  श्रीमान  गायब है और मिलने पर निवेश  करने बाली  कम्पनी  में  सम्पर्क  करने की  बात कह रहे हो या ये  कह रहे हो कि भाई  मैंने तो अमुक  काम करना छोड़  दिया !

                                         राजेन्द्र  प्रसाद वर्मा , पुर्णिया 

Saturday, November 23, 2013

निवेश कि आवश्यकता क्यों है !

भारत मे  आज लोगो कि  स्थिति  बढ़ते महगाई को  लेकर बेहद  दयनीय हो गई है  !   आमदनी  का ज्यादा  हिस्सा  बढ़ी  हुई  महगाई  के  भेँट  चढ़  जाता है  !   आम  आदमी  ये  सोच  रहा है  की  कल  क्या  होगा ?  कोई  सुरक्षित  कल  की  बात  नहीं  कर  रहा है  !  ऐसी परीस्थितिया  बन  कर  सामने  आ  रही  है  कि  हर  कोई  लुटने  बाला  ही  लगता  है  !  मै  ये  सब  लिख  कर  आपको  डराने कि  बात  नहीं  कर  रहा  हु  बल्कि  एक  सच्चाई  से  शब्दों  के  द्वारा  रूबरू  कराने  का  प्रयास  कर  रहा  हु  क्यूंकि  मै  जितना  अपने  आप  को  जानता  हु  उतना  आप  भी  अपने  आप  को  जानते  है  और  यही  आम आदमी  होने  का  सच  है !  आप अगर  अपने  आप  को  टटोले  तो  पायेंगे  कि  मुश्किलो  की  भारी  से  भारी  हालात  मे  आपने  अपना  रास्ता  खुद  बनाया  है और इस  समय  भी  रास्ता  आप  खुद  ही  बना सकते  है  !  जरुरत है  उस  दिशा  की  जिसके  ऊपर  आप  चल  सके  ! अभी  भारत की आबादी  का  65 %  पैसठ  प्रतिशत  हिस्सा  युवाओ का है जो  तीस बरस  से  कम  उम्र के लोग है !
     
           अगर आप गौर करे तो पायेंगे कि सारा प्रचार माध्यम और व्यापार  युवाओ के  खर्च  करने  को उत्सुक  कर रहा है  और  उन्हे  उपभोक्ताबाद  के  जाल  मे उलझाना चाह रहा है ! निवेश  को  जो  प्राथमिकता  देनी चाहिए  वो  वे  कर नहीं  रहे  है  !   आप  इन  कुछ  मुद्दों  पर  ध्यान  दे  तो  आपके  आने  वाले  समय  आर्थिक  दुश्वारिओ  का  सामना  नहीं  करना  पड़ेगा  !
 
 1. आवश्यक   खर्चो  का  एक  विवरण  तैयार  करे  …  जैसे  महीने  का  राशन  , गाड़ी  , मोबाइल  फ़ोन , आपका व्यक्तिगत  खर्च , श्रीमती जी  का  खर्च , बच्चे है  तो  उनका  खर्च  , उनका  स्कूल  का  खर्च , बीमा  का  प्रीमियम  इत्यादि  !
2 . इन  सारे  खर्च  को  अपने  मासिक   आय  में  से  घटा  दे  , देखे  क्या  बचता  है !  जो  बचता  है  उसका  आप  निवेश  करना  शुरू  करे !
3 . निवेश  के  लिए  आपको  बैसे  ही  योजना  का  चुनाव  करना  जो  आपके  अनुरूप  हो  ! इसमे  दीर्घावधि  कि  योजना  भी  हो  सकती  है  और  छोटी  अवधि  की  भी  हो  सकती  है !  अब  आपकी  आवस्यकताए  किस  तरह  कि  है  उसका  अवलोकन  आपको  करना  होगा ! इसमे  अगर  आप  सक्षम  हो  तो  ठीक  है  वरना  किसी  विश्वासी  सलाहकार  कि  मदद  लेना  भी  उचित  होगा  !
4 . कहते  है  निवेश  कभी  जाया  नहीं  जाता  है  चाहे  वो किसी  छेत्र  मे  हो !
5 . निवेश  की  अनेको  योजनाए  है  जिनमे  प्रमुखतः  डाक  घर  कि  मासिक   बचत  योजना  ,  मासिक  आय  योजना , बैंक  मे   मासिक  जमा  योजना ,  एक  मुस्त  जमा  योजना  इत्यादि !
ये  योजनाए  सुरक्षा  एबं  निश्चित  वापसी  कि   सर्बाधिक  बेहतर  योजनाये  है  जिसमें  तत्काल  आप  निवेश  बिना  किसी  कि  सलाह  लिए  शुरू  कर  सकते  है  !
6 . इसके  बाद   आप  ये  देखिए   की  आपने  जो  बीमा  ले  रखा  है  उससे   दुर्भाग्यवश  आपके  नहीं  होने  के  बाद  आपके  परिवार  को  कितना मिलेगा  क्युकि  देखा  ये  जाता  है  कि  लोग  बीमा  का  प्रीमियम  तो  ज्यादा  दे  रहे  है  लेकिन  आकस्मिक  निधन  कि  स्थिति   उनके   नॉमिनी  को  जो  क्लेम  मिलता  है  वो  एक  से   दो  साल  तक  के  परिवार  के  खर्चो  की  भरपाई  करने  के  लायक  ही  होता  है !
7 .  बीमा  कि  योजना  का  चुनाव  सोच  समझ  कर  करे  प्रयास  करे  टर्म  इन्शोरेन्स  लेने  का  इसमे  आपका  जो  प्रीमियम  का  खर्च  आएगा  उसमे  आप  बेहतर  बीमा  कवरेज  पाएंगे  और  आपके  बाद  आपकी  नॉमिनी  को  बेहतर  रकम  भी  प्राप्त  होगा  जो  उस  समय  उन्हे  जीवन  में  आई  आर्थिक  जिम्मेवारिओ  को  निबटाने  में  बेहद  कारगर  सावित  होगी  !
8 . म्युचअल  फण्ड  में  जमा  कि  जो  योजनाए  है  वह  इक्विटी  , डेब्ट , गोल्ड  पर  आधारित  है  !  इसमें  निवेश  को  अपनी  ज़रूरत   के  अनुसार   बिभिन्न  तरीके  को  अपनाकर  आप  कर  सकते  है !  अभी  जो प्रचलित  तरीका  है  उसमे  सिस्टमेटिक  इन्वेस्टमेंट  प्लान  , फिक्स्ड मेचुरिटी  प्लान , इत्यादि   है !
अगर  आपके   निवेश  कि  अवधि  लम्बी  है  तो  म्युचअल  फण्ड  की  बेहतर  योजनाओ  का  चुनाव  कर  सिस्टमेटिक  इन्वेस्टमेंट  प्लान  में  निवेश  करे  !  ध्यान  रखे  कि  म्युचअल  फण्ड  की  योजनाए  बाज़ार  के  जोखिम  के  अधीन  होती  है  अगर  लम्बी  अवधि  कि  जमा  योजना  बना  कर  छोटी  अवधि  में  ही आप  पैसा  निकालने  को  तैयार  हो  गए  और  शेयर  बाज़ार  निचे  आया  हुआ  है  तो  वैसी  स्थिति  में  आपको  नुकसान  हो  जायेगा  इसलिए   आप  इस  सन्दर्भ  में  भी  किसी  जानकार  की  मदद  ले  कर  ही  निवेश  करे  तो  अच्छा  होगा !
     एक  अनुभव  की  बात  बताता  हूँ  साल  1 9 7 4  में  बैंक  में  नौकरी  शुरू  करने  वाली  कि  सैलरी  5 0 0 रुपए  महीने  की  थी  . . .  चावल  उस  समय  1 रुपए  4 0  पैसे   किलो  था  ,  रसगुल्ला  15  पैसे   पीस  था ,  समोसा , चाय  का  वही  भाव  था  , सोना  450  रुपए  में  दस  ग्राम  था ! लोगो  का  खर्च  मनोरंजन  के  नाम  पर  सिनेमा हॉल  या  रेडियो  होता  था  सयुंक्त  परिवार  में  लोग  रहते थे  ! लोगो  कि  सामाजिक  सक्रियता  बेहतर  थी  !  उस  समय  जिन  लोगो ने  रियल एस्टेट  में  सोने में  ही  निवेश  किया  उन्होंने  आज  क्या  पाया  वह  आप  भी  बखूबी  समझ  सकते  है !  आज  सयुक्त  परिवार  बहुत  कम  बच  गया  एकल  परिवार  ही  प्रचलन  में  है ! सामाजिक  पारिवारिक  असुरक्षा  बढ़  गई  है !आज आप  नौकरी  शुरू   15000 - 20000  या  उससे  ऊपर  कि  आय  से  शुरू  करते  है  40 - 50  रूपए  किलो  चावल  खरीदते  है  बाकि  चीज़  भी  उसी  तरह  कि  कीमत  पर  आपको मिलता  है  क्या  आप  समझते  है  कि  कल  भविष्य  में  ये  कीमते  कहा  होगी  !  आज  आप  युवा  है  खर्च  का  एक  हज़ार  प्रलोभन  आपके  आने  बाले  कल  पर  अपरोक्ष  रूप  से  डाका डालने  के  लिए  तैयार  बैठा  है  जो पहले  नहीं  था ! याद  रखिये  आज  आप  जो  बचत  करेंगे  वो  कल  आपके  जिम्मेवारियों   को  निबटने  में  मदद  तो  करेगा  ही  आपको  वैसे  ही  हल्का  रखेगा  जैसा  आज  आप महसूस  करते  है  . . . युवा  और  तरंगित।      धन्यवाद !
                                                                राजेंद्र  प्रसाद  वर्मा  
                                    एम्फी   रजिस्टर्ड  म्यूच्यूअल  फण्ड  इन्वेस्टमेंट  प्रोफेश्नल ,पूर्णियाँ  

Monday, September 16, 2013

सुविचार

सुविचार 

कामनाओ  की  चाहत  इन्सान  को युवा  रखती  है  !  चाहत  को  संयमित  तौर  पर  उपयोग  करने  पर  शरीर  और  मन  को  बळ  मिलता  है !  असयन्मित  तरीके  से  कामनाओ  की  चाहत  और  पूर्ति  से  इन्सान  जल्द  वृद्ध  और  दरिद्र  हो  जाता  है !
                                                                             राजेंद्र  प्रसाद  वर्मा